शुक्र
ग्रह मंडल में सबसे ज्यादा सुन्दर और चमकीला ग्रह शुक्र है | यह स्त्री कारक ग्रह है | सबसे ज्यादा आकर्षण,मन मोहकता,खूबसूरती शुक्र में है| यह ग्रह वृष और तुला राशि का स्वामी है | यह मीन में उच्च होता है |
शरीर के हिस्से
गला,गर्दन,गले के स्नायु,आँखे,शुक्राणु,मूत्राशय,गर्भाशय,
गुण
खूबसूरती की पहचान,कलाप्रिय,भिन्न लिंग का प्रति आकर्षण,मधुर भाषी,दयावान,समझदार,अच्छा स्वभाव,
कार्य क्षेत्र
चित्रकार,नर्तक,कलाकार,वादक,गायक,शक्कर के कारखाने,मिठाई,चाय,कॉफी,रबर,चश्मे की दुकान,काँच,पेंटर,मेकअप,खुसबूदार चीजें,पम्प,शराब,
रोग
गला गर्दन के रोग, आँखों के रोग, शराब पीने के कारण होने वाले रोग,यौन सम्बन्धी रोग,मूत्राशय के रोग, गुप्त रोग, मधुमेह, त्वचा के रोग,मासिक धर्म क्र रोग,
ज्योतिष विश्वकोश (jyotishvishwakosh) App, Webiste के द्वारा ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, अंकज्योतिष, प्रश्नज्योतिष. मुहूर्त, शकुन, स्वप्न, नक्षत्र, समाधान, दैनिक मासिक वार्षिक राशिफल-अंकफल, हनुमान् ज्योतिष, कर्मकाण्ड, पूजा पाठ, यन्त्र, मन्त्र, तन्त्र का प्रामाणिक ज्ञान, ज्योतिष से सम्बन्धित सभी ग्रन्थों का ज्ञान और उनको फ्री में पढना, ज्योतिष के विशेष लेखों को पढना, ज्योतिष को सीखना, संहिता ज्योतिष और सिद्धान्त ज्योतिष को पढना सीखना वीडियो (Youtube) के द्वारा सीखना, android app,Web &youtube
बुधवार, जुलाई 14, 2010
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Featured Post
पाराशर के अनुसार ग्रह दृष्टि
पश्यन्ति सप्तमं सर्वे शनि जीव कुजः पुनः । विशेषतश्च त्रिदशत्रिकोणचतुरष्टमान् || भावः - यहाँ पर ग्रहों की दृष्टि के बारे में बतलाते हु...
-
jyotish,bhavishya,dainik rashiphal,rashifal,sury,chnadra,mangal,budh,guru,shukr,shani,rahu,ketu,kundali
-
पश्यन्ति सप्तमं सर्वे शनि जीव कुजः पुनः । विशेषतश्च त्रिदशत्रिकोणचतुरष्टमान् || भावः - यहाँ पर ग्रहों की दृष्टि के बारे में बतलाते हु...
-
जय भगवति देवि नमो वरदे,जय पाप विनाशिनी बहु फल दे | जय शुम्भ-निशुम्भ कपालधरे,प्रणमामि तु देवि नमो वरदे| जय चन्द्र-दिवाकर नेत्रधरे,जय पाव...
1 टिप्पणी:
baba shukra ke bare me di gayee jaankari pasand aayee .kripya aur vistaar se prakash dale.dhanyavaad
एक टिप्पणी भेजें