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मंगलवार, जुलाई 06, 2010

Mangal

ग्रह विचार माला में हम अब मंगल के विषय पर चर्चा करते है -
मंगल ग्रह को पुराणों के अनुसार भूमि का  पुत्र माना जाता है|  मंगल ग्रह को ज्योतिष में सेनापति माना जाता है|
अग्नि ,शक्ति,इच्छाशक्ति ,लीडरशिप,वासना,आत्मविश्वास,प्रभुता,मारक क्षमता,लड़ाई,आदि
शरीर के हिस्से
मज्जा ,कन्धा, गर्भाशय,प्रोस्टेट ग्रंथि,बांया कान,स्नायु,चेहरा,सिर,
गुण
गर्म स्वभाव , अधिकारी वृत्ति,नेतृत्व क्षमता, प्रभुता,शीघ्र कोपी,मेहनती,
कार्य क्षेत्र
सैनिक , पुलिस,साहसिक कार्य,सुरक्षा विभाग,दवा सबंधी व्यवसाय ,दांतों का डॉक्टर,सर्जन,नाई,लोहा  तथा स्टील के कारोबार,भोजन निर्माता,अग्नि से सम्बंधित कार्य, भाप के इंजन,लाल रंग से सम्बंधित कार्य, नुकीले हथियारों के कार्य आदि,

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