इस चक्र के द्वारा हम ग्रहों का स्वभाव जन सकते हैं |
ज्योतिष विश्वकोश (jyotishvishwakosh) App, Webiste के द्वारा ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, अंकज्योतिष, प्रश्नज्योतिष. मुहूर्त, शकुन, स्वप्न, नक्षत्र, समाधान, दैनिक मासिक वार्षिक राशिफल-अंकफल, हनुमान् ज्योतिष, कर्मकाण्ड, पूजा पाठ, यन्त्र, मन्त्र, तन्त्र का प्रामाणिक ज्ञान, ज्योतिष से सम्बन्धित सभी ग्रन्थों का ज्ञान और उनको फ्री में पढना, ज्योतिष के विशेष लेखों को पढना, ज्योतिष को सीखना, संहिता ज्योतिष और सिद्धान्त ज्योतिष को पढना सीखना वीडियो (Youtube) के द्वारा सीखना, android app,Web &youtube
शनिवार, जुलाई 31, 2010
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Featured Post
पाराशर के अनुसार ग्रह दृष्टि
पश्यन्ति सप्तमं सर्वे शनि जीव कुजः पुनः । विशेषतश्च त्रिदशत्रिकोणचतुरष्टमान् || भावः - यहाँ पर ग्रहों की दृष्टि के बारे में बतलाते हु...
-
jyotish,bhavishya,dainik rashiphal,rashifal,sury,chnadra,mangal,budh,guru,shukr,shani,rahu,ketu,kundali
-
पश्यन्ति सप्तमं सर्वे शनि जीव कुजः पुनः । विशेषतश्च त्रिदशत्रिकोणचतुरष्टमान् || भावः - यहाँ पर ग्रहों की दृष्टि के बारे में बतलाते हु...
-
जय भगवति देवि नमो वरदे,जय पाप विनाशिनी बहु फल दे | जय शुम्भ-निशुम्भ कपालधरे,प्रणमामि तु देवि नमो वरदे| जय चन्द्र-दिवाकर नेत्रधरे,जय पाव...

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें