षष्ठ भाव -
यह भाव बाधा ,परेशानी,रोग,शत्रु,मामा,नौकर,नौकरी,क्रूर कर्म का कारक है
सप्तम भाव-
विवाह,पत्नी,व्यापर,यात्रा,जननांग, पत्नी के द्वारा लाभ ,विवाह की दिशा,विवाह का समय,पत्नी का स्वभाव आदि का विचार किया जाता है
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बुधवार, मार्च 31, 2010
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1 टिप्पणी:
saptam bahv par aapka diya gaya vichar atyant hi rochak hai maine ise aajmaya bhi hai aur yah vishay saty bhi laga hai
Dhanyawad
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